“सुधारो, नहीं तो कुर्सी छोड़ो” – मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था पर सांसद का 8 दिन का अल्टीमेटम
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चंद्रपुर : जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की बदहाल स्थिति को लेकर सांसद प्रतिभा धानोरकर ने प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया है। गुरुवार दोपहर उनके आकस्मिक निरीक्षण के दौरान अस्पताल की गंभीर खामियां उजागर हुईं, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भीषण गर्मी (40 डिग्री से अधिक तापमान) के बावजूद मरीजों के परिजनों के लिए मूलभूत सुविधाएं जैसे कूलर तक उपलब्ध नहीं हैं। पीने के पानी की स्थिति बेहद खराब है और कई जिम्मेदार डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। इस पर नाराज सांसद ने अधिष्ठाता सहित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

अस्पताल में स्वच्छता पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद परिसर में गंदगी और दुर्गंध का साम्राज्य फैला हुआ है। टूटी नालियां, महिला वार्ड में गंदे और जाम शौचालय, तथा अस्वच्छ वातावरण के कारण मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सांसद ने तीखा सवाल उठाया—“स्वच्छता का पैसा आखिर जा कहां रहा है?” और महिला मरीजों के साथ हो रहे इस व्यवहार को अस्वीकार्य बताया।
इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सांसद प्रतिभा धानोरकर ने प्रशासन को 8 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने महिला वार्ड में पानी की आपूर्ति दुरुस्त करने, पीने के पानी की गुणवत्ता सुधारने और पूरे परिसर की साफ-सफाई तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ, तो वे स्वयं अस्पताल में बैठकर आंदोलन करेंगी और प्रशासनिक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी।
इस निरीक्षण के दौरान कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। सांसद की इस सख्त और आक्रामक भूमिका से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। उन्होंने गरीब और जरूरतमंद मरीजों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया।



